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सोमवार, 22 जुलाई 2013

इब है कहाँ जातिवाद !!!-लघु कथा

इब है कहाँ जातिवाद !!!-लघु कथा
Unity : pattern of the palms of hot colors
इब है कहाँ जातिवाद !!!-लघु कथा
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''जातिवाद भारतीय समाज के लिए जहर है ''इस विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाना था . संगोष्ठी आयोजक महोदय ने अपने कार्यकर्ताओं को पास बुलाया और निर्देश देते हुए बोले -'' देखो . . वो सफाई वाला है न . . अरे वो चूड़ा . . उससे धर्मशाला की सफाई ठीक से करवा लेना . वो चमार का लौंडा मिले . . अरे वही भूरू का लौंडा .  .  उससे कहना जेनरेटर की व्यवस्था ठीक -ठाक करवा दे . कोने वाली चाय की दुकान वाले सैनी से बोल देना ठीक दो बजे से पहले चाय -समोसा कार्यस्थल पर पहुंचा दे कल को . बामन ,बनियों ,सुनारों ,छिप्पियों इन सबके साइन तू करवा लायो ठाकुर सूचना रजिस्टर में और जैन साहब से कहियो कुर्सियों का इंतजाम करने को . जाट -गुर्जरों को पीछे बैठाने का इंतजाम करियो ओ पंडित ! बहुत हो हल्ला मचावे हैं ये . पानी पिलाने का काम तेरे जिम्मे रहेगा राजपूत .बर्तन माँजने को उस धीमरी . . क्या नाम है ? चल कुछ भी उसे बुला लियो . . . अच्छा और कुछ पूछना हो इभी पूछ लियो . चलो कुछ नी पूछना तमे . ढंग से कर लियो सब इंतजाम . . कहीं मेरा नाम बदनाम करा दो कि चौधरी साब पे इतेक सा काम न  कराया गया छोरों से . मेरी समझ में तो यूँ नी आता ऐसे मुद्दों पर बहस की जरूरत ही क्या है ?इब है कहाँ जातिवाद !!!

शिखा कौशिक ' नूतन'

6 टिप्‍पणियां:

pradeep ने कहा…

बहुत बढ़िया कटाक्ष है

Shalini Kaushik ने कहा…

sach kaha aapne eb jativad nahi hai .

दिगम्बर नासवा ने कहा…

जबरदस्त ... सटीक, करार व्यंग ... आज की जाती-प्रथा उन्मूलन अभियानों पर ...

shikha kaushik ने कहा…

thanks everyone for appreciation .

shorya Malik ने कहा…

बहुत सुंदर कटाक्ष है,




यहाँ भी पधारे
गुरु को समर्पित
http://shoryamalik.blogspot.in/2013/07/blog-post_22.html

Ramakant Singh ने कहा…

बेहतरीन लघु कथा इब कहाँ है जातिवाद वाह