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रविवार, 1 दिसंबर 2013

पुरुष हुए शर्मिंदा -लघु कथा


लिफ्ट में घुसते ही बाइस वर्षीय सारा ने देखा लिफ्ट में उसके अलावा केवल उसके पिता की उम्र के एक शख्स लिफ्ट में थे .लिफ्ट चलते ही सारा ने उस व्यक्ति से जितनी दूरी सम्भव थी ...बना ली . सारा के मन में आया -'' पहले जब लिफ्ट में इस उम्र के किसी पुरुष को देख लेती थी तब रिलैक्स हो जाती थी ...चलो घबराने की कोई बात नहीं पर तरुण तेजपाल ने अपनी बेटी की उम्र की लड़की के साथ जो किया उसके बाद से तो सच में किसी भी उम्र के पुरुष पर विश्वास नहीं किया जा सकता है .....!!'' सारा के सोचते सोचते ही लिफ्ट रुक गयी और गेट खुलते ही वो बाहर निकल ली .पीछे-पीछे वे सज्जन भी निकल लिए और उन्होंने सारा को टोककर रोकते हुए कहा -'' सुनो बेटी ! सब पुरुष तरुण तेजपाल जैसे नहीं होते .उसने जो किया उससे मैं भी शर्मिंदा हूँ !'' सारा ने उन सज्जन के चेहरे पर आये दीन भावों को पढ़ते हुए कहा -'' यस आई नो सर '' और ये सोचते हुए वहाँ से आगे बढ़ चली कि '' सच में तरुण तेजपाल ने सभी पुरुषों को शर्मिंदा कर डाला !''
शिखा कौशिक 'नूतन '

7 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति-
आभार आदरणीया-

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

nice.

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

सभी पुरुष तरुण तेजपाल जैसे नहीं होते!..
उत्कृष्ट प्रस्तुति....!
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नई पोस्ट-: चुनाव आया...

chirkut papu ने कहा…

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Ramakant Singh ने कहा…

सच में तरुण तेजपाल ने सभी पुरुषों को शर्मिंदा कर डाला

abhishek shukla ने कहा…

जब व्यक्ति विश्वास खोता है तो यह उसका व्यक्तिगत मामला होता है, पर यहाँ तो पूरे ''पुरुष समाज '' ने विश्वास खोया है, परिणाम तो सबको भुगतना ही होगा...
वंदे मातरम्: अज्ञात

pavitra agarwal ने कहा…

achchi hai.